मंगल दोष, जिसे कुंडली मिलान में “मंगलीक दोष” कहा जाता है, विवाह में देरी या वैवाहिक जीवन में तनाव का एक प्रमुख कारण माना जाता है। जब मंगल ग्रह कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में स्थित होता है, तब यह दोष उत्पन्न होता है।

🔍 मंगल दोष के संभावित प्रभाव:

मंगल दोष के ज्योतिषीय उपाय:

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